मानसून में यहां दिखेगी जन्नत

अमर उजाला

Tue, 24 May 2022

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मध्य प्रदेश में कई खूबसूरत झरने हैं, जहां मानसून में जन्नत सा नजारा होता है
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पातालपानी जलप्रपात

इंदौर जिले के महू तहसील में स्थित पातालपानी जलप्रपात अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। करीब 300 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाले झरने के कुंड की सटीक गहराई की जानकारी नहीं है।
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धुआंधार जलप्रपात

जबलपुर के भेड़ाघाट में स्थित धुआंधार जलप्रपात अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। करीब 50 फीट की ऊंचाई से जब झरना नीचे गिरता है तो पानी धुएं के रूप में ऊपर उड़ते हुए नजर आता है।
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बहुती जलप्रपात

रीवा जिले में स्थित बहुती जलप्रपात मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा झरना है। सेलर नदी पर बनने वाले इस झरने की ऊंचाई 198 मीटर (650 फीट) है। इसे “इंडियन नियाग्रा” भी कहा जाता है
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कपिलधारा जलप्रपात

अनूपपुर जिले में स्थित कपिलधारा जलप्रपात नर्मदा नदी पर बसा पहला झरना है। यहां नर्मदा नदी एक ऊंची चट्टान से करीब 100 फीट नीचे गिरती है, चारों तरफ खूबसूरत जंगल है
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रनेह जलप्रपात

छतरपुर जिले में स्थित रनेह झरना अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां केन नदी बारिश के दिनों में कई झरनों का निर्माण करती है
 
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पांडव जलप्रपात

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के अंदर  स्थित पांडव जलप्रपात बारहमासी झरनों में शुमार है। करीब 30 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला झरना दिल का आकार बनाते हुए गिरता है

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भूरा खोन झरना

शिवपुरी जिले में भूरा खोन झरना, माधव सागर झील के पास बसा है। जब 25 मीटर की ऊंचाई से  झरना नीचे गिरता है तो उसका नज़ारा देखते ही बनता है

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चचाई जलप्रपात

रीवा में स्थित चचाई जलप्रपात मध्य प्रदेश के झरनों में दूसरा सबसे ऊंचा झरना है। इसकी ऊंचाई 400 फीट है। चित्रकूट पहाड़ियों पर मौजूद होने के कारण यह झरना पर्यटकों के बीच बेहद प्रसिद्ध है
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बी फॉल्स

पचमढ़ी में स्थित बी फॉल्स पांडव कालीन झरना माना जाता है। यह पचमढ़ी के झरनों में सबसे लोकप्रिय है

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