कुदरत के नजारों से भरा कजलीगढ़ का किला कजलीगढ़ का किला इंदौर से करीब 20 किमी दूर है किले का निर्माण 200 साल पहले महाराज शिवाजीराव होलकर ने कराया था महाराज शिवाजीराव होलकर कजलीगढ़ किले को शिकारगाह के तौर पर इस्तेमाल करते थे किला समतल पठार पर बना है जो कि तीन तरफ से गहरी खाई से सुरक्षित है किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थर और चूने से किया गया है। प्रवेश द्वार मराठा कालीन ईंटों से बना है शिकारगाह के अलावा किले का उपयोग पिंडारियों को रखने के लिए भी किया जाता था किले के पास ही करीब सौ सीढ़ियां उतरकर एक शिव मंदिर है पहाड़ से रिसते हुए पानी से शिवलिंग सहित कई तरह की खूबसूरत आकृतियां निर्मित हो गई हैं मंदिर के पास ही एक झरना है, जो कि गर्मी के दिनों में झरता रहता है किले तक पहुंचे का रास्ता पक्का बना है, जहां चार पहिया और दुपहिया वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं कजलीगढ़ का किला