बालू से बना गुप्तेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग, त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने की थी स्थापना
अमर उजाला
Mon, 4 August 2025
Image Credit : Amar ujala
त्रेता युग से जुड़ी आस्था का प्रतीक स्वयंभू सिद्धपीठ गुप्तेश्वर महादेव मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है
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सावन मास में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और मंदिर परिसर मेले जैसा दृश्य प्रस्तुत करता है
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सावन मास में यहां शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। शिवलिंग दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं
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मंदिर के पुजारी आचार्य अंकित द्विवेदी ने बताया कि भगवान श्रीराम जब वनवास काल में प्रयागराज से होते हुए जबलपुर पहुंचे, तो ऋषि जाबालि के आग्रह पर उन्होंने पहाड़ी के अंदर बालू से शिवलिंग की स्थापना की
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मान्यता है कि जैसे उन्होंने रामेश्वरम में बालू से ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी, वैसे ही गुप्तेश्वर महादेव को भी उसी परंपरा में रामेश्वर ज्योतिर्लिंग का उपलिंग माना जाता है
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बता दें कि गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में सावन के दौरान प्रतिदिन शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया जाता है
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भक्तों की मान्यता है कि सावन मास में की गई पूजा से भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं
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भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है क्योंकि वे शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं
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