अमर उजाला
Mon, 12 August 2024
झरनेश्वर महादेव मंदिर अजमेर में मराठा काल के दौरान बनाया गया था, जब मराठा शासक यहां का शासन करते थे
यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर धार्मिक आयोजन करते हैं
मंदिर अजमेर में 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जो इसे धार्मिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है
सावन में मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम और अनुष्ठान होते हैं, जिनमें सहस्त्र धाराएं और महाआरती शामिल हैं
दरगाह और अंदरकोट से गुजरने वाली कांवड़ यात्राओं का स्वागत मुस्लिम समुदाय फूलों की बारिश से करता है
मराठा काल में भगवान शिव के तीन स्वरूपों की स्थापना की गई थी- बाल स्वरूप, युवा स्वरूप और राठौड़ स्वरूप
मंदिर के पास एक प्राकृतिक झरना बहता है, जिससे इसका नाम झरनेश्वर महादेव पड़ा
इस मंदिर में हर धर्म और जाति के लोग भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक कर सकते हैं
महाशिवरात्रि पर यहां भगवान शिव को 11,000 लीटर ठंडाई का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में बांटा जाता है
इन योगासनों से अपच और एसिडिटी से मिलता है छुटकारा