राजस्थान के उदयपुर के बारे में जानिए पिछोला झील के तट पर स्थित यह एक भव्य इमारत है। यहां चार प्रमुख महल हैं, जो शाही परिवार का निवास हुआ करते थे इसे पांच सितारा होटल लेक पैलेस के नाम से जाना जाता है। यहां पहुंचने के लिए नाव से जाना पड़ता है। इसे महाराजा जगतसिंह द्वितीय ने 1746 में बनवाया था ऊंची पहाड़ी पर बने इस महल को महाराणा सज्जन सिंह ने शिकारगाह के रूप में बनवाया था। अब यह एक प्रसिद्ध सन-सैट पॉइंट है इस कृत्रिम झील के बीच सुंदर नेहरू गार्डन के साथ एक द्वीप पर उदयपुर की सौर वेधशाला भी है। इसका उद्घाटन ड्यूक ऑफ कनॉट ने किया था पिछोली गांव के कारण इसे यह नाम दिया गया है। जगनिवास और जगमंदिर द्वीप इस झील में स्थित है यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जो महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय द्वारा महिलाओं के लिए एक बगीचे के रूप में निर्मित किया गया था गुलाब बाग शहर का सबसे बड़ा बगीचा है। यहां गुलाब की कई प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इसी से इसका नाम गुलाब बाग पड़ा। यह शहर का एक सांस्कृतिक संस्थान है जो राजस्थान, गुजरात और मप्र की संस्कृति, त्यौहारों, लोक कला और लोकगीत के लिए समर्पित है 1751-1781 के बीच अमर चंद्र बड़वा की देखरेख में इसका निर्माण किया गया था। इस हवेली में राज परिवार के अलावा किसी का भी प्रवेश वर्जित था 70 एकड़ में फैला ग्रामीण कला और शिल्प परिसर एक जीवित संग्रहालय माना जाता है। यह देश के पश्चिमी क्षेत्र के जनजातीय लोगों की जीवन शैली को दर्शाता है कई लघु पहाड़ियों के बीच बसा यह दूध तलाई पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण है यह एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील है। इसका निर्माण महाराज जयसिंह ने 17वीं शताब्दी में करवाया था यह एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील है। इसका निर्माण महाराज जयसिंह ने 17वीं शताब्दी में करवाया था