कुछ खास हैं रणथंभौर के इन बाघ-बाघिनों के नाम

अमर उजाला

Fri, 16 February 2024

Image Credit : साेशल मीडिया
मछली :  बाघिन टी-16 को मछली नाम विरासत में मिला। इसकी मां के माथे पर मछली की आकृति का निशान था। बाद में बाघिन टी-16 के जन्म के बाद उसके माथे पर भी मछली जैसी आकृति रही। ऐसे में उसे भी मछली नाम दे दिया गया। सबसे अधिक शावकों को जन्म देने वाली मछली की कुछ साल पहले मौत हो गई।
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एरोहैड : मछली की बेटी टी-84 के माथे पर जन्म से तीर के निशान जैसी आकृति थी। इस कारण बाघिन टी-84 को एरोहैड नाम दिया गया। आज भी रणथम्भौर में बाघिन टी-84 को एरोहैड के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में यह बाघिन रणथम्भौर के जोन दो में विचरण करती है।
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डॉलर मेल : बाघ T-25 को डॉलर मेल को जालिम के नाम से भी जाना जाता था। उसके खूंखार बर्ताव के कारण उसे जालिम नाम दिया गया था। उसके शरीर पर बने डॉलर के निशान की वजह से उसे डॉलर मेल भी कहा जाता था।
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सितारा : माथे पर स्टार का चिन्ह होने के कारण इस टी-28 टाइगर को सितारा नाम दिया गया। मछली के साथ इलाके की लड़ाई के दौरान यह चर्चा में आया था।
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शर्मिली : बाघिन टी-26 को यह नाम उसके बहुत कम दिखाई देने के कारण दिया गया था। वन विभाग के मुताबिक बाघिन टी-26 शर्मिले स्वभाव की थी और पर्यटकों को कम ही नजर आती थी।
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सुल्तान : टी -72 टाइगर को सुल्तान नाम बीना काक ने उसके सुल्तानपुर इलाके में रहने के कारण दिया था।
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फतेह : टाइगर मैन के नाम से प्रसिद्ध संरक्षणवादी फतेहसिंह राठौर को श्रद्धांजलि देने के लिए टी 42 टाइगर का नाम फतेह रखा गया। 
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