अमर उजाला
Fri, 6 March 2026
चैत्र माह की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 16 मार्च को सुबह 09 बजकर 40 मिनट पर होगी
इस तिथि का समापन 17 मार्च को सुबह 09 बजकर 23 मिनट पर है
इस प्रकार 16 मार्च को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा और सोमवार होने के कारण यह सोम प्रदोष व्रत कहलाएगा
इस तिथि पर महादेव की पूजा के लिए शुभ समय शाम 06 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 54 मिनट तक है
इस अवधि में शिव जी की पूजा और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से प्रभु सभी अटके काम को गति प्रदान करते हैं
इसके अलावा प्रदोष व्रत पर शिव और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है
ऐसे में सफेद चीजों का दान और शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से सेहत संबंधी परेशानियां दूर होने लगती हैं
होलिका दहन में क्या डालना होता है अशुभ ?