अमर उजाला
Sat, 8 February 2025
हर वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महापर्व के रूप में मनाया जाता है
इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी
शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शक्कर, शहद, घी, भांग, पुष्प, धतूरा, चंदन, फल अर्पित किए जाते हैं
लेकिन कुछ द्रव्य ऐसे है जिन्हें शिवलिंग पर अर्पित करना शास्त्रों में निषेध माना गया है
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने देवी तुलसी के पति, असुर जालंधर का वध किया था। इसीलिए भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्तों का उपयोग निषिद्ध है
शिवजी को कभी भी हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए क्योंकि हल्दी को स्त्री से संबंधित माना गया है और शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव ने शंखचूड़ नामक दैत्य का वध करके उसे भस्म कर दीया जिससे शंख का निर्माण हुआ,इसलिए महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाया जाता है
नारियल देवी लक्ष्मी का प्रतीक है,जो भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं, इसलिए शिवलिंग पर आप नारियल अर्पित कर सकते हैं, लेकिन कभी भी नारियल के जल से अभिषेक नहीं करना चाहिए
भगवान शिव को कभी भी श्रृंगार का सामान नहीं चढ़ाना चाहिए खासतौर पर सिंदूर और कुमकुम को,भगवान शिव संहारक रूप में भी पूजे जाते हैं ऐसे में भगवान शिव को सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता है
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को टूटा हुआ चावल नहीं चढ़ाया जाता है, टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध माना गया है,
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