अमर उजाला
Fri, 7 February 2025
प्रदोष व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित हैं
इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती है
माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 फरवरी को शाम 07:25 मिनट पर शुरू होगी
वहीं, इस तिथि का समापन 10 फरवरी को शाम 06:57 मिनट पर होगा
इस प्रकार रवि प्रदोष व्रत 9 फरवरी 2025, दिन रविवार को रखा जाएगा
अगर इस दिन ज्योतिष के अनुसार, कुछ खास उपाय किए जाए तो व्यक्ति को जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है
रवि प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध से स्नान कराएं,साथ ही पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें, मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं
रवि प्रदोष व्रत के दिन पीले चंदन से शिवलिंग पर त्रिपुंड बनाएं, साथ ही बेलपत्र पर शहद लगाकर अपने दाहिने हाथ से शिवलिंग पर अर्पित करें
प्रदोष व्रत के दिन पूजा के दौरान भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें और माता पार्वती को सोलह श्रृंगार का सामान अर्पित करने से विवाह के योग बनते हैं साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है
क्या है महाशिवरात्रि का वैज्ञानिक महत्व?