अमर उजाला
Mon, 13 April 2026
सूर्यदेव और छाया के पुत्र भगवान शनि का जन्म ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर माना जाता है।
इसी पावन तिथि पर हर वर्ष शनि जयंती का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन शनि देव की विधि-विधान से पूजा करने पर उनके अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
इस वर्ष 16 मई, शनिवार के दिन शनि जयंती मनाई जाएगी, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
इस दिन शनि देव को तेल अर्पित करना, काले तिल का दान करना और व्रत रखना विशेष फलदायी माना गया है।
सच्चे मन से पूजा करने पर शनि देव प्रसन्न होकर जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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