अमर उजाला
Sat, 9 May 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जन्मोत्सव का पर्व मनाया जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को सूर्य पुत्र भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था
शनि जयंती पर शनिदेव की कृपा और शनिदोषों से मुक्ति पाने के लिए विधि-विधान के साथ पूजा का महत्व होता है
इस वर्ष अमावस्या तिथि दो दिन पड़ने के कारण शनि जयंती के डेट को लेकर संशय बना है
अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5:11 मिनट पर शुरू होगी और समापन 17 मई को रात 1:30 मिनट पर है
उदया तिथि के आधार पर अमावस्या पर शनि जयंती 16 मई को मनाई जाएगी
शनि जयंती का दिन भगवान शनिदेव की कृपा पाने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है
इस दिन शनि मंदिर जाकर भगवान शनि की प्रतिमा को सरसों का तेल, काला तिल और काली वस्तुओं का दान करना चाहिए
16 या 17 मई किस दिन रखा जाएगा वट सावित्री व्रत ?