अमर उजाला
Thu, 23 April 2026
ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक नजरिए से शनिदेव का विशेष महत्व होता है
ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता और न्यायकारक ग्रह माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जन्मोत्सव मनाया जाता है
शनि देव की पूजा-आराधन विधि-विधान के साथ करने से शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है
शनि जयंती पर शनिदेव की सच्चे मन से पूजा करने पर शनिदोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल, छाया दान, उड़द दाल और काले तिल का दान कर शुभ माना जाता है
शनि जयंती पर शनि से जुड़े मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।
शनि जयंती पर ऊं शं शनैश्वराय नम: और ऊं प्रां प्रीं, प्रौं स: शनैश्चराय नम: का जाप करना लाभकारी होता है
कब है निर्जला एकादशी ?