अमर उजाला
Thu, 14 May 2026
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व होता है, यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के खास होता है
इस बार 16 मई को वट सावित्री व्रत और शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग देखने को मिलेगा
इस व्रत में सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा कर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती हैं
वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा
सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प, तप और भक्ति से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे
वट पूजा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है
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