अमर उजाला
Tue, 28 April 2026
हिंदू धर्म में अधिक मास को विशेष माना जाता है, जिसमें पूजा-पाठ व दान-दक्षिणा जैसे कार्य सम्पन्न किए जाते हैं
इस बार इसकी शुरुआत 17 मई 2026 से होकर 15 जून 2026 तक रहेगी।
मान्यता है कि, इस दौरान किए गए जप, तप और दान का कई गुना फल प्राप्त होता है।
लेकिन भगवान की भक्ति, कथा-श्रवण और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस अवधि में नियम और संयम के साथ जीवन जीने का विशेष महत्व होता है, इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती हैं
क्यों खास है इस बार का ज्येष्ठ महीना ?