अमर उजाला
Mon, 27 April 2026
इस दिन व्रत, पूजा और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
ज्येष्ठ मास हिंदू पंचांग का तीसरा महीना माना जाता है, जिसका अपना अलग महत्व है।
इसका संबंध मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है, जो शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है।
मान्यता है कि इस महीने की पूर्णिमा पर ज्येष्ठा नक्षत्र का विशेष संयोग बनता है।
इसी कारण इस माह को ज्येष्ठ मास कहा जाता है और यह धार्मिक रूप से बेहद खास माना जाता है।
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