अमर उजाला
Tue, 13 January 2026
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य उपासना और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है
इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं और दिन लंबे होने लगते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
मकर संक्रांति पर तिल, गुड़ और खिचड़ी के साथ पतंग उड़ाने की परंपरा भी खास मानी जाती है
धार्मिक मान्यता है कि पतंग उड़ाकर लोग सूर्य देव के निकट जाने और उनका आशीर्वाद पाने का प्रतीकात्मक प्रयास करते हैं
कई जगहों पर इस दिन पतंगबाजी प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं, जिससे यह पर्व और उल्लासपूर्ण बन जाता है
वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो इस समय ठंड कम होने लगती है और धूप शरीर के लिए लाभकारी होती है
धूप में रहने से शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन D मिलता है, जो हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है
वहीं, पतंग उड़ाने से शारीरिक गतिविधि बढ़ती है, जिससे शरीर सक्रिय और ऊर्जावान बना रहता है
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