अमर उजाला
Mon, 1 August 2022
सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान से निवृत्त हो जाएं
अभिषेक के बाद बेलपत्र, समीत्रा, दूब, कुशा, कमल, नीलकमल, जवाफूल कनेर, राई के फूल आदि से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं
ध्यान के बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र जाप से शिव की पूजा करें और 'ॐ शिवाय नमः' से मातापार्वती की पूजा करें। पूजा के बाद व्रत कथा सुनें
आखिर में आरती करें और प्रसाद बांटें
ऐसे लोगों को प्राप्त होती है दिव्यता