अमर उजाला
Mon, 23 September 2024
भारत ने शतरंज ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला टीम वर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया था। भारत को मिली इस सफलता में 10 खिलाड़ियों का योगदान रहा, जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं...
तानिया सचदेव महिला टीम का हिस्सा थीं, वह 2008 में ग्रैंडमास्टर बन गई थीं और 2012 में ओलंपियाड में व्यक्तिग वर्ग में कांस्य जीत चुकी हैं
हरिका द्रोणावल्ली ने 2011 में ग्रैंडमास्टर बनने की उपलब्धि अपने नाम दर्ज की थी और वह 2022 एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रही हैं
वैशाली ने इसी साल ग्रैंडमास्टर बनने की उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने शतरंज ओलंपियाड में 10 मैच खेले और चार में जीत हासिल की, जबकि दो हारे और चार मुकाबले ड्रॉ खेले
वंतिका अग्रवाल का प्रदर्शन भी शानदार रहा था और उन्होंने नौ मैच खेले तथा सिर्फ एक में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वंतिका ने पांच मैच जीते, जबकि तीन ड्रॉ खेले
दिव्या देशमुख महिला टीम में सबसे मजबूत खिलाड़ी थीं और उन्होंने सभी 11 मैच खेले जिसमें से आठ जीते और तीन में उन्हें हार का सामना करना पड़ा
पुरुषों में पेंटाला हरिकृष्णा ने सिर्फ तीन मैच खेले, लेकिन वह टूर्नामेंट में अजेय रहे। उन्होंने दो मैच जीते, जबकि एक ड्रॉ खेला
भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी प्रज्ञानंद ने इस टूर्नामेंट में 10 मैच खेले और तीन जीते। उन्होंने छह मैच ड्रॉ खेले, जबकि एक में उन्हें हार का सामना करना पड़ा
विदित गुजराती ने भी 10 मैच खेले और अजेय रहे क्योंकि उन्होंने इस दौरान पांच मैच जीते, जबकि पांच मैच ड्रॉ खेले
भारतीय शतरंज की नई सनसनी डी गुकेश ने 10 मैच खेले और आठ में जीत दर्ज करने में सफल रहे और दो मैच उन्होंने ड्रॉ खेले
अर्जुन एरिगेसी का प्रदर्शन भी शानदार रहा और उन्होंने 11 में से नौ मैच जीते और दो ड्रॉ खेले
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