अमर उजाला
Mon, 23 October 2023
सबसे पहले एप की रेटिंग चेक करें। जरूरत से कम रेटिंग वाले एप फर्जी हो सकते हैं। ऐसे में कम रेटिंग वाले एप को डाउनलोड करने से बचना चाहिए।
यदि आइकन और एप में बहुत अंतर लग रहा है या आपको लगता है कि आइकन को एकदम जल्दी-जल्दी में बनाया गया है तो एप फर्जी हो सकता है।
एप की डिटेल्स ध्यान से चेक करें और डेवलपर्स के अन्य एप भी देखें। प्रोफेशनल डेवलपर्स के डिस्क्रिप्शन में गलतियों की संभावना काफी कम होती है।
किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसके द्वारा मांगी जाने वाली परमिशन को भी अच्छे से देखना चाहिए। यहां से भी आप फर्जी एप की पहचान कर सकते हैं।
किसी भी एप को केवल ऑफिशियल एप स्टोर से ही डाउनलोड करना चाहिए। थर्ड पार्टी से डाउनलोड करने में फर्जी एप का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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