अमर उजाला
Tue, 17 October 2023
किसी का कॉल रिकॉर्ड करने पर आपके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 72 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
फोन टैपिंग के चर्चित केस नीरा राडिया पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पति-पत्नी विवाद के बीच मोबाइल रिकॉर्डिंग के मामले पर फैसला सुनाया है।
कोर्ट के मुताबिक बिना मंजूरी मोबाइल फोन कॉल को रिकॉर्ड करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
किसी की इजाजत के बिना मोबाइल या फोन कॉल रिकॉर्ड की जाती है तो वह आईटी एक्ट-2000 की धारा 72 का उल्लंघन है।
यह धारा-72 का उल्लंघन है और इसके तहत दो साल की सजा और एक लाख जुर्माने का प्रावधान है।
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