अमर उजाला
Wed, 19 March 2025
भारत में साइबर धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के तहत एक डॉक्टर से 70 लाख रुपये की ठगी की गई है।
ठगों ने सबसे पहले पीड़ित महिला डॉक्टर को एक अज्ञात नंबर से कॉल किया ने कहा कि उनके नाम पर रजिस्टर्ड एक कार्ड से संदिग्ध लेन-देन हो रहा है।
जब डॉक्टर ने इस आरोप को खारिज किया, तो दूसरे कॉल में खुद को CID अधिकारी बताने वाला ठग उनसे जुड़ा।
इस बार वीडियो कॉल किया गया, जिसमें ठग ने पुलिस वर्दी पहनी हुई थी और बैकग्राउंड पुलिस स्टेशन जैसा दिख रहा था, जिससे डॉक्टर को यकीन हो गया कि मामला असली है।
ठगों ने दावा किया कि डॉक्टर के बैंक अकाउंट से 3 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेन-देन हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और अंग तस्करी से जुड़ा मामला बनता है।
डॉक्टर को ठगों ने न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देकर अपने सभी बैंक खातों की जानकारी देने के लिए मजबूर किया। डर और भ्रम की स्थिति में डॉक्टर ने कुल 70 लाख रुपये पांच अलग-अलग ट्रांजैक्शन में ठगों को भेज दिए।
ठगों ने डॉक्टर को अपने घर को गिरवी रखने और और अधिक पैसे जुटाने के लिए भी उकसाया लेकिन जब डॉक्टर ने इस संबंध में एक रिश्तेदार से संपर्क किया, तो पता चला यह ठगी है।
अगर कोई खुद को बैंक अधिकारी या पुलिस अधिकारी बताता है, तो उनकी पहचान की स्वयं पुष्टि करें। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या पुलिस स्टेशन से सीधे संपर्क करें
बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, OTP या कोई अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
अगर कोई धमकी भरा कॉल आए, तो घबराएं नहीं। यह ठगों की एक रणनीति होती है कि आपको जल्दी में कोई गलत फैसला लेने पर मजबूर किया जाए।
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