अमर उजाला
Wed, 13 May 2026
गर्मियों में कूलर हमें ठंडी हवा तो देता है, लेकिन इसके पानी के रखरखाव में लापरवाही बरतने पर यह बीमारियों का घर भी बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नगर निगम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कूलर का पानी हर 2 से 3 दिन में पूरी तरह से बदल देना चाहिए।
अगर आप किसी कारणवश पानी नहीं बदल पा रहे हैं, तो उसमें थोड़ा सा मिट्टी का तेल या पेट्रोल डाल दें। इससे पानी की सतह पर एक परत बन जाती है जिससे मच्छरों के लार्वा पनप नहीं पाते।
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