अमर उजाला
Thu, 8 January 2026
आज के समय में बाजार में मिलावट की समस्या तेजी से बढ़ रही है और खाद्य तेल भी इससे अछूते नहीं हैं।
सरसों का तेल भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है, लेकिन कई बार इसमें आर्गेमोन ऑयल या अन्य सस्ते तेल मिलाकर बेचा जाता है
मिलावटी सरसों का तेल लंबे समय तक सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं, आंखों में जलन और यहां तक कि गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
ऐसे में जरूरी है कि हम असली और शुद्ध सरसों के तेल की पहचान करना सीखें।
शुद्ध सरसों के तेल का रंग गहरा पीला होता है और इसकी खुशबू तेज व तीखी होती है।
पानी में तेल की कुछ बूंदें डालें। शुद्ध तेल ऊपर ही तैरता रहता है, जबकि मिलावट वाला तेल घुलने लगता है
रूई में तेल लगाकर जलाएं। शुद्ध तेल से भीगी रुई जलने से चटकने जैसी आवाज आती है
सरसों का तेल खरीदते समय पैकेट पर FSSAI लाइसेंस और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
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