अमर उजाला
Wed, 13 May 2026
पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर दो अलग-अलग एफआईआर नंबर दर्ज करती है और दोनों मामलों की जांच एक साथ की जाती है।
अक्सर क्रॉस एफआईआर में एक पक्ष 'आत्मरक्षा' का अधिकार जताने के लिए मामला दर्ज कराता है।
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