इसके माध्यम से एक व्यक्ति (जिसे 'प्रिंसिपल' कहा जाता है) किसी दूसरे भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी ओर से कानूनी, वित्तीय या संपत्ति संबंधी निर्णय लेने का अधिकार प्रदान करता है।
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यह प्रक्रिया मुख्य रूप से तब अपनाई जाती है जब प्रिंसिपल बीमार हो, देश से बाहर हो या किसी अन्य कारण से खुद उपस्थित होने में असमर्थ हो।
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पावर ऑफ अटॉर्नी के कुछ मुख्य प्रकार होते हैं।
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जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA)
इसमें एजेंट को व्यापक अधिकार मिलते हैं, जैसे बैंकिंग लेन-देन, बिलों का भुगतान और संपत्ति का प्रबंधन।
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स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी (SPA)
यह केवल किसी खास काम के लिए दी जाती है, जैसे किसी विशेष जमीन को बेचना। वह काम पूरा होते ही यह शून्य हो जाती है।
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