अमर उजाला
Tue, 24 March 2026
भारत में टोल कलेक्शन को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए GNSS (ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइन सिस्टम) आधारित टोलिंग तकनीक को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है।
यह तकनीक वर्तमान रेडियो फ्रीक्वेंसी (RFID) आधारित फास्टैग से काफी अलग और एडवांस है।
आइए जानते हैं GNSS तकनीक कैसे काम करती है?
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