घर या जमीन की रजिस्ट्री कैसे होती है? इसमें सबसे पहले बिक्री विलेख तैयार किया जाता है। इसमें खरीदार, विक्रेता, संपत्ति का पता, क्षेत्रफल और बिक्री मूल्य की स्पष्ट जानकारी लिखी होती है इसके बाद स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की पेमेंट की जाती है ध्यान दें स्टांप ड्यूटी की दरें राज्य के अनुसार अलग अलग हो सकती हैं इसकी पेमेंट के बाद संबंधित कार्यालय में जरूरी दस्तावेजों को प्रस्तुत किया जाता है। कार्यालय में खरीदार और विक्रेता दोनों का होना जरूरी है इसके अलावा 2 गवाहों की भी जरूरत होगी। इस दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो मांगी जाती है बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद दस्तावेजों की जांच की जाएगी। प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अधिकारी रजिस्ट्री को स्वीकृति दे देते हैं यूटिलिटी न्यूज