11 महीने का ही क्यों बनता है रेंट एग्रीमेंट?

अमर उजाला

Tue, 24 March 2026

Image Credit : Amar Ujala

आपने देखा होगा कि भारत में रेंट एग्रीमेंट आमतौर पर 11 महीने के लिए ही बनाया जाता है।

Image Credit : Amar Ujala

इसके पीछे मुख्य कारण कानूनी पेचीदगियों और भारी खर्च से बचना है।

Image Credit : Amar Ujala

रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता से बचाव

'रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1908' के अनुसार, अगर कोई रेंट एग्रीमेंट 12 महीने या उससे अधिक समय का है, तो उसका स्थानीय सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
 
Image Credit : Adobe Stock

वहीं, 11 महीने का एग्रीमेंट होने पर इस कानूनी प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती।

 

Image Credit : Adobe Stock

स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की बचत

अगर एग्रीमेंट 12 महीने या उससे ज्यादा का होता है, तो मकान मालिक और किराएदार को भारी स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देनी पड़ती है। 
 
Image Credit : Adobe Stock

वहीं 11 महीने के एग्रीमेंट को सिर्फ नोटरी करवाकर ही काम चलाया जा सकता है, जो काफी सस्ता पड़ता है।

Image Credit : अमर उजाला प्रिंट

किराएदार पर नियंत्रण

'रेंट कंट्रोल एक्ट' के तहत 11 महीने का एग्रीमेंट मकान मालिक को यह शक्ति देता है कि वह हर साल किराए की समीक्षा कर सके और जरूरत पड़ने पर शॉर्ट नोटिस पर घर खाली करा सके।
 
Image Credit : Adobe Stock

फास्टैग की जगह लेने वाला 'GNSS' तकनीक क्या है?

Adobe stock
Read Now