अमर उजाला
Tue, 7 April 2026
गर्मियों के मौसम में खड़ी कार के अंदर हैंड सैनिटाइजर छोड़ना एक बड़े खतरे को बुलावा देने जैसा है।
इस भीषण गर्मी में जब बाहर का तापमान अधिक होता है, तो बंद कार के अंदर का तापमान 60°C से 70°C तक पहुंच सकता है।
सैनिटाइजर में लगभग 60% से 80% तक अल्कोहल (इथाइल या आइसोप्रोपिल) होता है।
अत्यधिक गर्मी में सैनिटाइजर की बोतल के अंदर गैस का दबाव बढ़ जाता है, जिससे बोतल फट सकती है या रिसने पर आग लग सकती है।
सैनिटाइजर तभी प्रभावी होता है जब इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखा जाए।
कार की गर्मी से इसमें मौजूद अल्कोहल उड़ने लगता है, जिससे यह कीटाणुओं को मारने की अपनी क्षमता खो देता है।
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