अमर उजाला
Sun, 9 April 2023
समाज कल्याण विभाग की रिपोर्ट के बाद उनका बैंक खाता बंद भी कर दिया गया, जिससे वह खाते में जमा रुपये भी नहीं निकाल पा रहीं।
सुरसती खुद के जिंदा होने के सुबूत लेकर छह साल से भटक रही हैं, लेकिन अभी तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा, 'विकास भवन के भी काफी चक्कर काटे। किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब दफ्तरों के चक्कर काटते काटते थक गई हूं।
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सुरसती ने कहा कि पेंशन न आए लेकिन उसका खाता तो खुलवा दिया जाए, गन्ने के भुगतान के रुपये खाते में पड़े हैं, उसे निकालना है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन वर्मा ने बताया कि मामला 2017 का है और इसकी उनको जानकारी नहीं है। इसे दिखवाया जा रहा है।
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