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अमर उजाला
Fri, 5 August 2022
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। उनके इस दौरे ने चीन को तो आगबबूला कर दिया है।
पेलोसी के दौरे के शुरू होते ही चीन ने ताइवान की खाड़ी में युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया। बताया गया है कि चीनी सेना ने इस छोटे से द्वीप को छह जगह से घेर लिया है।
2022 में चीन ने 230 अरब डॉलर (करीब 18.25 लाख करोड़ रुपये) का रक्षा बजट तय किया था, वहीं ताइवान का रक्षा बजट महज 16.8 अरब डॉलर (करीब 1.33 लाख करोड़ रुपये) रहा।
चीन के पास 20 लाख से ज्यादा सक्रिय सैनिक हैं तो वहीं ताइवान के पास 1 लाख 70 हजार सक्रिय सैनिक हैं।
ताइवान के पास रिजर्व सैनिकों की संख्या चीन से तीन गुना है। जहां ताइवान के पास 15 लाख रिजर्व सैनिक हैं तो वहीं चीन के रिजर्व सैनिकों की संख्या 5 लाख 10 हजार है।
चीन इस वक्त रक्षा बजट के मामले में अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। इसके चलते दुनिया में युद्धक हथियारों के मामले में चीन काफी आगे है।
चीन और ताइवान के बीच युद्ध में अगर अमेरिका दखल देता है तो चीन अपने आप ही काफी मुसीबत में पड़ जाएगा।
ग्लोबल पावर इंडेक्स के हिसाब से अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। अकेले उसके बजट को ही ले लिया जाए तो यह चीन से तीन गुना ज्यादा है।
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