अमर उजाला
Fri, 4 March 2022
चेर्नोबिल शहर से लगभग 16 किमी और यूक्रेन की राजधानी कीव से 100 किमी की दूरी पर स्थित है चेर्नोबिल न्यूक्लियर संयंत्र
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यहां पर लोगों ने 1986 में दुनिया की सबसे भीषण परमाणु आपदा देखी थी
ये आपदा 25-26 अप्रैल के बीच हुई थी और यहां टेक्निशयन्स के एक समूह ने असफल सुरक्षा परीक्षण किया था
इस परीक्षण की वजह से चेर्नोबिल के रिएक्टर नंबर 4 में एक के बाद एक विस्फोट होने लगे थे
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इन विस्फोटों के बहुत नकारात्मक प्रभाव भी देखे गए थे और इसे अब तक की सबसे बड़ी परमाणु दुर्घटना माना जाता है
इस हादसे को बिगड़ने से रोकने के लिए कुल 1.8 करोड़ सोवियत रूबल खर्च किए गए थे
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चेर्नोबिल त्रासदी लागत और मारे गए लोगों के मामले में अभी तक की सबसे भयानक और ख़तरनाक परमाणु दुर्घटना है
2600 वर्ग किलोमीटर का ये इलाका यूक्रेन और बेलारूस में अभी तक वीरान पड़ा है
चेर्नोबिल वेब सीरीज के मुताबिक यहां 4 हजार से 93 हजार के करीब मौतें हुई थीं और करीब 6 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा था
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