अमर उजाला
Mon, 8 August 2022
पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची है। कहीं गृह युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं तो कई देशों में जंग की स्थिति है।
रूस-यूक्रेन के बीच फरवरी में शुरू हुआ युद्ध अब तक जारी है। चीन और ताइवान में भी जंग की आहट आने लगी है। इस्राइल और ईरान पहले से ही भिड़े हुए हैं।
इस साल 23 फरवरी को रूस ने अपने पड़ोसी मुल्क यूक्रेन पर हमला बोल दिया था। दोनों देशों के बीच ये जंग अब तक जारी है।
अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से चीन बौखलाया हुआ है। चीन ने ताइवान को पूरी तरह से घेरकर समुद्र में युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है।
युद्ध जैसे हालात इस्राइल और फिलिस्तीन में भी है। यहां दोनों देश एक दूसरे पर रॉकेट बरसा रहे हैं। इस्राइली रॉकेटों ने गाजा के रिहायशी इलाके को निशाना बनाया।
आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच विवादित क्षेत्र नागोर्नो-कारबाख को लेकर एक बार फिर से युद्ध जैसे हालात हो गए हैं। तीन अगस्त को अजरबैजान ने कारबाख में बम बरसा दिए जिसमें तीन सैनिकों की मौत हो गई।
आर्थिक मामलों के जानकार प्रो. महेश परमार से हमने यही सवाल पूछा। उन्होंने कहा, 'एक सामान्य सा युद्ध भी देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित कर देता है। अगर तृतीय विश्व युद्ध होगा तो पूरी दुनिया संकट में आ जाएगी।
चीन-ताइवान में जंग हुई तो किसका पलड़ा भारी?