एक और क्वाड: इस्राइल, अमेरिका, यूएई के साथ गठजोड़ करेगा भारत, विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में सहमति

तेलअवीव, एजेंसी Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 19 Oct 2021 10:31 PM IST

सार

वर्चुअल बैठक में नौवहन सुरक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में संयुक्त ढांचा बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, अलग-अलग द्विपक्षीय संबंध की बजाए एक फोरम बनाना फायदेमंद होगा।
 
डॉ. एस. जयशंकर
डॉ. एस. जयशंकर - फोटो : ANI
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विस्तार

चार देशों का एक और गठजोड़ बनाने की दिशा में काम करते हुए भारत, इस्राइल, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात ने परिवहन, प्रौद्योगिकी, नौवहन सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में आधारभूत ढांचा तैयार करने की संभावना तलाशनी शुरू की है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साथ वर्चुअल बैठक कर इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, इस्राइल के विदेश मंत्री येर लेपिड, यूएई के अब्दुल्ला बिन जायेद अल नाहयान और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इस बैठक में शामिल हुए।
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इस्राइल के दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक ट्वीट कर कहा कि बाकी के तीन विदेश मंत्रियों के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई है। तीनों मंत्रियों के साथ आर्थिक विकास और वैश्विक मुद्दों पर बात हुई और आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है। जयशंकर ने कहा कि आप तीनों हमारे सबसे करीबियों में से हो। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन के उस सुझाव से सहमति जताई कि तीन अलग-अलग द्विपक्षीय संबंध के बजाय एक फोरम बनाना ज्यादा बेहतर होगा। ब्लिंकन ने कोविड के दौरान इस तरह के बहुपक्षीय सहयोग के फायदे भी बताए। उन्होंने कहा कि ये साफ है कि हमारे समय के बड़े मुद्दों पर हम सभी एक जैसा सोचते हैं और यदि हम कुछ व्यावहारिक बातों पर एकजुट होते हैं तो इससे बेहतर क्या हो सकता है।

संयुक्त परियोजनाओं पर भी विचार
इस्राइल के विदेश मंत्री लेपिड ने कहा कि बैठक के दौरान चारों विदेश मंत्रियों ने संयुक्त परियोजनाओं को शुरू करने के बारे में भी विचार किया। लेपिड ने वाशिंगटन के अपने दौरे पर इस बैठक की पहल की थी। उन्होंने बैठक के आरंभ में कहा, हमारे पास अलग-अलग तरह की क्षमताएं, ज्ञान और अनुभव हैं, जिसका इस्तेमाल कर हम ऐसा नेटवर्क बना सकते हैं, जिसे हम सभी बनते देखना चाहते हैं। लेपिड ने कहा कि चारों देशों ने आर्थिक सहयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय फोरम बनाने का फैसला लिया है।
लेपिड ने बैठक में कहा, यहां हम लोग आपसी सहयोग की तलाश में जुटे हैं। ये सहयोग हमें आधारभूत ढांचे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, नौवहन सुरक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में करना है। सफलता का मूलमंत्र ये है कि कितनी जल्दी हम इस सहयोग को ‘सरकार से सरकार’ के स्तर से ‘कारोबार से कारोबार’ के स्तर पर ले जाते हैं। कितनी जल्दी हम इसे एक कार्यशील प्रक्रिया में बदल पाते हैं जो जमीन पर उतरकर दुनिया में आधारभूत ढांचे की स्थिति को बदल सके।
पेशेवरों को तैनात करेंगे सभी मंत्री
बैठक के अंत में ये फैसला किया गया कि हर मंत्री संयुक्त कार्यकारी समूह में वरिष्ठ पेशेवरों को नियुक्त करेगा जो अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के तरीके की रूपरेखा बनाएंगे। बैठक के दौरान चारों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सहयोग, नौवहन सुरक्षा और आर्थिक एवं राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इस बारे में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने भी बयान जारी कर कहा कि ये मंत्रियों के बीच कई अलग-अलग तरह के मुद्दों पर व्यापक विचार करने का अवसर था।
दुबई के एक्स्पो 2020 में आमने-सामने मिलेंगे
इस वर्चुअल बैठक के बाद इन मंत्रियों की अब दुबई में कुछ महीने बाद होने वाले एक्स्पो 2020 के दौरान आमने-सामने बात होगी। इस फोरम के गठन का विचार लेपिड के साथ-साथ यूएई के विदेश मंत्री नाहयान ने रखा था। इस्राइल और यूएई के बीच हालिया दौर में सहयोग बढ़ा है।

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