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Joe Biden’s first year: सालगिरह से पहले नाकामियों के कथानक ने घेर लिया है जो बाइडन को

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अजय सिंह Updated Sun, 16 Jan 2022 02:46 PM IST

सार

जो बाइडन की लोकप्रियता इस वक्त अपने न्यूनतम स्तर पर है। एक सर्वे में तो सिर्फ 33 फीसदी लोगों उनके कामकाज से संतुष्ट बताया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (फाइल फोटो)
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

पांच दिन बाद (20 जनवरी को) जो बाइडन राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली सालगिरह बेहद प्रतिकूल माहौल में मनाएंगे। इस अवसर से ठीक पहले अमेरिका में उनके प्रशासन की नाकामियों की कहानियां छायी हुई हैं। उनके समर्थक मीडिया में भी यह स्वीकार किया गया है कि कार्यकाल के पहले वर्ष में एक ट्रिलियन डॉलर के इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को पारित कराने के अलावा राष्ट्रपति की कोई उपलब्धि नहीं रही है।

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बाइडन की लोकप्रियता में आई कमी
जो बाइडन की लोकप्रियता इस वक्त अपने न्यूनतम स्तर पर है। एक सर्वे में तो सिर्फ 33 फीसदी लोगों उनके कामकाज से संतुष्ट बताया गया है। सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम से चर्चित बिल्ड बैक बेटर पैकेज और वोटिंग राइट्स बिल को पारित कराने में बाइडन प्रशासन की नाकामी ने राष्ट्रपति के कई पुराने प्रशंसकों को भी अब उनका आलोचक बना दिया है। इस बीच कोरना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की आई लहर ने रही-सही कसर पूरी कर दी है।


वेबसाइट एक्सियोस.कॉम के विश्लेषकों माइक एलन और जिम वंदेहेइ ने लिखा है- ‘किसी राष्ट्रपति की रिपब्लिकन, उदारवादी डेमोक्रेट्स, और लिबरल डेमोक्रेट्स सभी एक साथ आलोचना करें, ऐसा कम ही होता है। लेकिन अभी ऐसा ही हो रहा है। अब संसदीय ऐसे  संसदीय चुनाव का साल शुरू हुआ है, जो खुद डेमोक्रेट मान रहे हैं कि वे हार जाएंगे।’

बाइडन के सबसे बड़ी नाकामी के सूत्रधार उनकी पार्टी के दो सीनेटर- जो मेंचिन और क्रिस्टीन सिनेमा रहे हैं। उन्होंने बाइडन के आर्थिक और राजनीतिक एजेंडों पर ब्रेक लगा रखा है। वोटिंग राइट्स बिल पारित कराने की कोशिश में गुरुवार को बाइडन खुद कैपिटॉल हिल (संसद भवन) गए। साढ़े तीन महीनों में ये तीसरा मौका था, जब वे कैपिटॉल हिल पहुंचे। लेकिन एक बार फिर वे मेंचिन और सिनेमा को अपने बिल के पक्ष में मतदान करने के लिए राजी करने पर नाकाम रहे।
बाइडन बना रहे हैं नया प्लान
ह्वाइट हाउस के सूत्रों ने मीडिया को बताया है कि इन रुकावटों के बावजूद राष्ट्रपति ने अपनी लोकप्रियता को संभालने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत बिल्ड बैक बेटर और वोटिंग राइट्स बिल को पारित कराने के लिए वे जोर लगाए रखे रखेंगे। इसके अलावा कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए वे कुछ नई घोषणाएं करेंगे।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि सीनेट में अपनी ही पार्टी के दो सदस्यों के लगातार खिलाफ  रुख अपनाए रखने और सुप्रीम कोर्ट के प्रतिकूल फैसलों की वजह से बाइडन अपने ज्यादातर वादे निभाने में नाकाम रहे हैं। इसी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बाइडन प्रशासन का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें सभी बड़ी कंपनियों में सभी कर्मचारियों के लिए कोरोना टीकाकरण अनिवार्य करने को कहा गया था।

पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि बाइडन की छवि पर सबसे तगड़ा प्रहार काबुल पर तालिबान के कब्जे से हुआ था। उसके बाद रूस से टकराव में कोई खास कामयाबी ना मिलने की वजह से बाइडन की चमक धीमी हुई है। इस बीच अमेरिका में महंगाई 39 वर्ष के सबसे ऊंचे स तर पर पहुंच गई है। बाइडन ने राष्ट्रपति बनने के बाद कोरोना टीकाकरण को प्राथमिकता दी थी। इसे उनकी एक बड़ी कामयाबी बताया गया था। लेकिन महामारी की नई जोरदार लहर ने उस पर भी पानी फेर दिया है।

 

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