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Russia Ukraine : यूएनएससी में निंदा प्रस्ताव पर वीटो से रूस ने फिर दिखाए तेवर, वोटिंग से दूर रहे भारत-चीन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 01 Oct 2022 01:41 AM IST
सार

15 सदस्यीय संयुक्त सुरक्षा परिषद में निंदा प्रस्ताव पर वोट 10-1 रहा, जिसमें चीन, भारत, ब्राजील और गैबॉन शामिल नहीं हुए।

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unsc(file photo) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शुक्रवार को चार यूक्रेनी क्षेत्रों के रूस में विलय की घोषणा के बाद अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य देशों ने कड़ी निंदा की। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन के चार इलाकों में कब्जे को लेकर रूस की निंदा के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई जिसको रूस ने वीटो कर दिया।



अमेरिका की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव का अल्बानिया ने समर्थन किया। इस प्रस्ताव में यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराया। रूस द्वारा वीटो किए जाने के कारण यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका। 15 देशों की सुरक्षा परिषद में से, 10 देशों ने प्रस्ताव के लिए मतदान किया और चार देशों ने भाग नहीं लिया चीन, भारत, ब्राजील और गैबॉन।


भारत बोला- बैठकर बातचीत से हल निकलना चाहिए
यूएनएससी में संयुक्त राष्ट्र के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि किसी तरह की बयानबाजी से तनाव बढ़ना किसी के हित में नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि एक साथ बैठकर बातचीत से हल निकलना चाहिए। मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखकर भारत ने इस प्रस्ताव से दूर रहने का फैसला किया है।

आगे उन्होंने कहा कि यूक्रेन में हुए हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत परेशान है। हमने हमेशा से कहा है कि बातचीत से हल निकलना चाहिए। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि यह युद्ध का युग नहीं हो सकता। वहीं भारत की रुचिरा कंबोज के बोलने के दौरान रूस के प्रतिनिधि फोन में कुछ करते दिखाई दिए।

 जरूर पढ़ें- Russia Ukraine Crisis : दक्षिणी यूक्रेन में रूस का मिसाइल हमला, 30 की मौत, 88 घायल

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने रूस की निंदा की
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा कि रूस का चार प्रांतों का विलय संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है और इसका कोई कानूनी मूल्य नहीं है। उन्होंने इस कदम को खतरनाक बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, इससे शांति की संभावनाएं खतरे में पड़ेंगी। 


पुतिन ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूस में शामिल होने घोषणा की
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार दुनिया के ताकतवर मुल्कों को ठेंगा दिखाकर अपनी मनमानी कर रहे हैं। पुतिन ने यूक्रेन के चार प्रांतो को रूस में शामिल होने की घोषणा कर दी इसी के साथ रूस ने यूक्रेन के चार राज्यों का अपने देश में मिला लिया। जिन इलाकों को रूस में शामिल किया गया है उनके नाम डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन हैं। वहीं इलाकों के शामिल होने का कार्यक्रम का टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया।  पुतिन ने क्रेमलिन में एक हस्ताक्षर करके इन इलाकों को अपने अधिग्रहित किया। पुतिन ने इन राज्यों में प्रमुखों की भी नियुक्ति कर दी है।

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