Hindi News ›   World ›   Texas Shooting : dreadful scene was trembling, it was last day of classes in school, police kept waiting outside despite information of accused killer entered with gun

Texas Shooting : सिहरा रहा डेढ़ घंटे का खौफनाक मंजर, स्कूल में कक्षाओं का था अंतिम दिन, सूचना के बाद भी इंतजार करती रही पुलिस

न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, टेक्सास। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 27 May 2022 07:16 AM IST
सार

हत्यारे सल्वाडोर रामोस ने वारदात से 10 मिनट पहले फेसबुक पर इसकी सूचना दी थी। उसने कहा था कि वह प्राथमिक स्कूल में हत्याएं करने जा रहा है। हालांकि अब तक पुलिस को उसके किसी भी आपराधिक इतिहास या उसके किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित होने का प्रमाण नहीं मिला है।

स्कूल में गोलीबारी
स्कूल में गोलीबारी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

स्कूल में हुए भीषण हत्याकांड के संबंध में अब सूचनाएं जारी कर रही हैं, लेकिन वारदात के दौरान का लोगों को अब तक सिहरा रहा है। हत्यारे सल्वाडोर रामोस का मकसद पता नहीं चला है। जान गंवाने वाले मासूमों और दोनों शिक्षकों के परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। इलाके में लोगों की आंखों के सामने उनके अपनों को जुदा करने वाला एक दिन पहले का घटनाक्रम लगातार घूम रहा है। स्कूल के विद्यार्थी साथियों की खौफनाक जुदाई के कारण गुमसुम हो गए हैं।



पुलिस के मुताबिक, स्कूल में बंदूक लेकर किसी के घुसने की सूचना 11:30 बजे मिल गई थी। विद्यार्थियों के माता-पिता और रिश्तेदार उनकी चिंता में स्कूल के बाहर जमा हो गए। स्कूल से आने वाली हर आवाज उन्हें चौकन्ना करती और आंखें यह आशा लिए उस ओर घूम जातीं कि अपनों की सलामती की कोई खबर मिले। सूचना पर पुलिस भी पहुंच चुकी थी, लेकिन वह हालात का जायजा लेने में ही जुटी थी। 


बाहर खड़े बच्चों के माता-पिता पुलिसवालों से भीतर जाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन वे पहले जानना चाहते थे कि हत्यारा कहां है और क्या कर रहा है। 10 साल की जैकलीन कैरेजीस के पिता ने कहा, कई बाहर कहने के बावजूद पुलिसवाले हिचकिचाते रहे तो खीजकर वे खुद ही स्कूल के भीतर जाने लगे थे।

काफी देर बाद पुलिसवाले भीतर घुसे। उन्हें पता लगा कि हमलावर ने खुद को चौथी कक्षा में बंद कर लिया है। अपने आसपास उसने बैरिकेड भी लगाए थे, ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके। बाद में पुलिस किसी तरह बैरिकेड तोड़कर पहुंची और उसे मार गिराया। पुलिस ने यह जानने के लिए पूरे स्कूल को खंगाला कि वह साथियों को लेकर तो नहीं आया था। इसके बाद बाहर जमा लोगों में अपनों की खैरियत जानने की आपाधापी मच गई।

10 मिनट पहले फेसबुक पर दी थी सूचना
हत्यारे सल्वाडोर रामोस ने वारदात से 10 मिनट पहले फेसबुक पर इसकी सूचना दी थी। उसने कहा था कि वह प्राथमिक स्कूल में हत्याएं करने जा रहा है। हालांकि अब तक पुलिस को उसके किसी भी आपराधिक इतिहास या उसके किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित होने का प्रमाण नहीं मिला है।

सोशल मीडिया पर चल रही साजिश की आशंका ने सिहराया
वारदात के दौरान ट्विटर, रीडिट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हत्यारे के बारे में विभिन्न सूचनाएं आने लगी थीं। इसमें कई लोगों ने अंदाजे लगाने भी शुरू कर दिए। कुछ ने कहा, वह अवैध अप्रवासी है और नियमों से परेशान होकर साजिश बनाकर स्कूल में जा घुसा है। किसी ने कहा, वह एलजीबीटी समुदाय से ताल्लुक रखता है और भेदभाव का बदला लेना चाहता है। किसी ने तो उसे कुछ दिन पहले हुए नस्लवादी हमले से भी जोड़ा।

टेक्सास गोलीबारी में पत्नी की मौत के बाद पति की हार्ट अटैक से निधन

इरमा गार्सिया और जो गार्सिया (फाइल फोटो)
इरमा गार्सिया और जो गार्सिया (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
अमेरिका के टेक्सास के उवाल्डे में मंगलवार को एक प्राइमरी स्कूल में 18 वर्षीय शूटर ने गोलीबारी कर 5 से 11 साल के 19 बच्चों समेत दो शिक्षकों को मार डाला था। दो शिक्षकों में एक इरमा गार्सिया नाम की शिक्षिका शामिल थी। उनके पति जो गार्सिया को इस घटना के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक आ गया था, जिससे उनकी गुरुवार को मौत हो गई।

पत्नी की गोलीबारी में मौत के बाद पति की हार्ट अटैक से मौत
जो और इरमा हाईस्कूल से एक-दूसरे को जानते थे और उनकी शादी को 24 साल हो चुके थे। वे अपने पीछे चार बच्चे छोड़ गए हैं। इरमा गार्सिया के चचेरे भाई डेबरा ऑस्टिन ने इरम के बच्चों को वित्तीय सहायता देने के लिए 'गोफंडमे' नाम से एक फंडरेजर बनाया है। 

ऑस्टिन ने कहा कि "मुझे इरमा के पति की मौत से गहरा सदमा पहुंचा है। उनके बच्चों की जिंदगी में सबकुछ तबाह हो गया है। इरमा के पति की गुरुवार सुबह (5/26/2022) इलाज के दौरान मौत हो गई। मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी मौत पत्नी की मौत के बाद सदमे की वजह से हुई।

इंटरनेट पर लोगों ने भी इस घटनाक्रम पर दुख जताया है। एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने कहा, "इसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है और यह लोगों की जानकारी से कहीं अधिक बार होता है। डेबी रेनॉल्ड्स को कैरी फिशर के लिए 24 घंटे से भी कम समय में मरते हुए देखा है।"

एक अन्य ट्विटर यूजर ने कहा, "यह बेहद हृदयविदारक है, मैं उन बच्चों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं, जिन्होंने 48 घंटों में माता-पिता दोनों को खो दिया है।" उवाल्डे शहर में हुई गोलीबारी की इस घटना ने अमेरिका में बंदूक कानूनों को लेकर देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया है।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00