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नाइट्रोजन गैस से मौत: सम्मान से मृत्युदंड देने पर छिड़ी बहस, दम घोंटकर मारने के तरीके पर अदालत ने पूछा सवाल
पीटीआई, मॉन्टगोमेरी
Published by: Pavan
Updated Tue, 09 Jun 2026 07:48 AM IST
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सार
अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने अलबामा में नाइट्रोजन गैस से दी जाने वाली फांसी पर चिंता जताते हुए कहा कि यह जांच जरूरी है कि क्या यह तरीका क्रूर और असामान्य सजा की श्रेणी में आता है। हालांकि अदालत ने गुरुवार को होने वाली कैदी जेफरी ली की फांसी पर फिलहाल रोक नहीं लगाई।
नाइट्रोजन गैस से मौत पर सवाल, अमेरिकी अदालत करेगी समीक्षा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के अलबामा राज्य में नाइट्रोजन गैस के जरिए दी जाने वाली फांसी को लेकर कानूनी विवाद और गहरा गया है। एक संघीय अपीलीय अदालत ने सोमवार को कहा कि इस तरीके पर और अधिक अध्ययन की जरूरत है, ताकि यह तय किया जा सके कि क्या यह अमेरिकी संविधान में प्रतिबंधित 'क्रूर और असामान्य सजा' की श्रेणी में आता है या नहीं। यह फैसला ऐसे समय आया है जब मौत की सजा पाए कैदी जेफरी ली को गुरुवार को नाइट्रोजन गैस के जरिए फांसी दी जानी है। 58 वर्षीय जेफरी ली ने इस फांसी के तरीके को अदालत में चुनौती दी हुई है। उनका कहना है कि यह तरीका अत्यधिक पीड़ा देता है और मानवीय नहीं है।
यह भी पढ़ें- भारतीय पेशेवरों को राहत: H-1B वीजा पर ट्रंप की 1 लाख डॉलर फीस को अदालत ने किया रद्द; जज ने कहा- कानून के खिलाफ
क्या है नाइट्रोजन गैस से फांसी देने की प्रक्रिया?
अलबामा ने साल 2024 में पहली बार नाइट्रोजन गैस के जरिए फांसी देने की शुरुआत की थी। इस प्रक्रिया में कैदी के चेहरे पर एक विशेष मास्क लगाया जाता है और उसे सांस लेने योग्य हवा की जगह शुद्ध नाइट्रोजन गैस दी जाती है। इससे शरीर को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है और कुछ समय बाद व्यक्ति की मौत हो जाती है।
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अपीलीय अदालत की पीठ ने क्या जताई चिंता?
इस मामले में पहले एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला दिया था कि नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल संविधान का उल्लंघन नहीं करता। हालांकि, तीन न्यायाधीशों वाली अपीलीय अदालत की पीठ ने अब इस पर चिंता जताई है और कहा है कि इस तरीके की संवैधानिकता पर और गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने फिलहाल जेफरी ली की निर्धारित फांसी पर रोक नहीं लगाई है। लेकिन अदालत ने निचली अदालत से यह जांचने को कहा है कि क्या फायरिंग स्क्वाड (गोली मारकर मौत की सजा) एक व्यवहारिक और संभव विकल्प हो सकता है।
किस मामले में आरोपी है जेफरी ली?
जेफरी ली को 1998 में एक डकैती के दौरान दो लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया था। उनके वकीलों ने अदालत से आग्रह किया था कि जब तक नाइट्रोजन गैस वाली फांसी के खिलाफ दायर कानूनी चुनौती का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक उनकी फांसी की तारीख तय नहीं की जानी चाहिए।
यह भी पढ़ें- China-US: चीन की कंपनियों पर अमेरिका ने कसा शिकंजा, पेंटागन ने अलीबाबा-BYD को बताया सैन्य मददगार, लगाए ये आरोप
अब तक आठ लोगों को नाइट्रोजन गैस से मिली फांसी की सजा
अमेरिका में अब तक नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल कुल आठ बार फांसी देने के लिए किया गया है। इनमें से सात बार अलबामा में और एक बार लुइसियाना में इसका उपयोग हुआ है। जेफरी ली के वकीलों का दावा है कि यह तरीका जरूरत से ज्यादा कष्टदायक है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अलबामा में हुई पिछली नाइट्रोजन गैस फांसी को पूरा होने में 30 मिनट से अधिक समय लगा था, जिससे इस प्रक्रिया की मानवीयता पर सवाल खड़े होते हैं। यह मामला अब अमेरिका में मौत की सजा के तरीकों और मानवाधिकारों को लेकर चल रही बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। अदालतों को आने वाले दिनों में यह तय करना होगा कि नाइट्रोजन गैस के जरिए दी जाने वाली फांसी संवैधानिक है या नहीं।
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क्या है नाइट्रोजन गैस से फांसी देने की प्रक्रिया?
अलबामा ने साल 2024 में पहली बार नाइट्रोजन गैस के जरिए फांसी देने की शुरुआत की थी। इस प्रक्रिया में कैदी के चेहरे पर एक विशेष मास्क लगाया जाता है और उसे सांस लेने योग्य हवा की जगह शुद्ध नाइट्रोजन गैस दी जाती है। इससे शरीर को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है और कुछ समय बाद व्यक्ति की मौत हो जाती है।
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अपीलीय अदालत की पीठ ने क्या जताई चिंता?
इस मामले में पहले एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला दिया था कि नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल संविधान का उल्लंघन नहीं करता। हालांकि, तीन न्यायाधीशों वाली अपीलीय अदालत की पीठ ने अब इस पर चिंता जताई है और कहा है कि इस तरीके की संवैधानिकता पर और गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने फिलहाल जेफरी ली की निर्धारित फांसी पर रोक नहीं लगाई है। लेकिन अदालत ने निचली अदालत से यह जांचने को कहा है कि क्या फायरिंग स्क्वाड (गोली मारकर मौत की सजा) एक व्यवहारिक और संभव विकल्प हो सकता है।
किस मामले में आरोपी है जेफरी ली?
जेफरी ली को 1998 में एक डकैती के दौरान दो लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया था। उनके वकीलों ने अदालत से आग्रह किया था कि जब तक नाइट्रोजन गैस वाली फांसी के खिलाफ दायर कानूनी चुनौती का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक उनकी फांसी की तारीख तय नहीं की जानी चाहिए।
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अब तक आठ लोगों को नाइट्रोजन गैस से मिली फांसी की सजा
अमेरिका में अब तक नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल कुल आठ बार फांसी देने के लिए किया गया है। इनमें से सात बार अलबामा में और एक बार लुइसियाना में इसका उपयोग हुआ है। जेफरी ली के वकीलों का दावा है कि यह तरीका जरूरत से ज्यादा कष्टदायक है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अलबामा में हुई पिछली नाइट्रोजन गैस फांसी को पूरा होने में 30 मिनट से अधिक समय लगा था, जिससे इस प्रक्रिया की मानवीयता पर सवाल खड़े होते हैं। यह मामला अब अमेरिका में मौत की सजा के तरीकों और मानवाधिकारों को लेकर चल रही बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। अदालतों को आने वाले दिनों में यह तय करना होगा कि नाइट्रोजन गैस के जरिए दी जाने वाली फांसी संवैधानिक है या नहीं।