शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ मशहूर रचना: हम पंछी उन्मुक्त गगन के 

शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ मशहूर रचना: हम पंछी उन्मुक्त गगन के
                
                                                             
                            हम पंछी उन्मुक्त गगन के
                                                                     
                            
पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,
कनक-तीलियों से टकराकर
पुलकित पंख टूट जाएंगे।

हम बहता जल पीनेवाले
मर जाएंगे भूखे-प्यासे,
कहीं भली है कटुक निबोरी
कनक-कटोरी की मैदा से, आगे पढ़ें

6 months ago

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