अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली ...और पढ़ें
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Hindi Shayari: ऐसे शेर जिसे आप बार-बार पढ़ना चाहेंगे
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Urdu Poetry: कई झूटे इकट्ठे हों तो सच्चा टूट जाता है...और पढ़ें
सजनी की आँखों में छुप कर जब झाँका
बिन होली खेले ही साजन भीग गया
- मुसव्विर सब्ज़वारी
मुंह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल
होली की शाम ही तो सहर है बसंत की
- लाला माधव राम जौहर...और पढ़ें
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