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                                                                           किसी की आँखों से अपना चेहरा निकालना है
नदी के पानी से ख़ुद को प्यासा निकालना है

उसे कहो तुम कि डोर रिश्तों की सीधी रक्खे
मोहब्बतों की ज़मीं का रक़्बा निकालना है

जो मुस्तहिक़ हो हमारे दिल का क़रीब आए
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16 hours ago
                                                                           दर्द की हद से गुज़ारे तो सभी जाएँगे
जल्द या देर से मारे तो सभी जाएँगे

सिर्फ़ मैं ही नहीं बाज़ार की मंदी का शिकार
जेब में ले के ख़सारे तो सभी जाएँगे

नद्दियाँ लाशों को पानी में नहीं रखती हैं
तैरें या ड...और पढ़ें
16 hours ago
                                                                           'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- अवदात, जिसका अर्थ है-उज्जवल, सफेद, स्वच्छ, निर्मल। प्रस्तुत है महेन्द्र भटनागर की कविता- कौन तुम अरुणिम उषा-सी

कौन तुम अरुणिम उषा-सी मन-गगन पर छा गयी हो ?

लोक-धूमिल र...और पढ़ें
16 hours ago
                                                                           ख्याति न मिलने की कुंठा भीतर-भीतर विरोधी बना देती है।

~देवीशंकर अवस्थी

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16 hours ago
                                                                           आज जब हमारी उंगलियां दिन भर स्मार्टफोन की स्क्रीन पर बस 'रील्स' और 'शॉर्ट्स' खिसकाने में लगी रहती हैं, तब साहित्य की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जो हमें पल भर रुककर अपने अतीत, अपनी यादों और अपनी जड़ों की ओर देखने पर मजबूर कर देती है। ह...और पढ़ें
                                                
21 hours ago
                                                                           क्षमा, क्षमा और क्षमा,क्यों कौंधता है मुझमें ?
कितनी बार क्षमा कर दूंँ, नहीं निर्बल मुझे समझे।।

यदि क्षमा कर भी दूँ मैं, होगा यह भीषण अपराध ।
रोती सिसकती घुटती आहें, रहने देंगी निरपराध ?

पापियों का मनोबल तो...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           अकेलापन एक ऐसी स्थिति है,
जहां है ख़ालीपन,अनिश्चितता,अलगाव,
यह मन की एक भावनात्मक स्थिति होती है,
इंसान को लगता है,
कि उसे अनदेखा किया जा रहा है.

अकेलेपन को स्वीकार करना ही होगा एक दिन,
यह आदत सभी के...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           हम जख्मों के समंदर से खुशी के मोती चुरा लेते हैं।
दुनिया क्या हमें समझाएगी,कि खुश कैसे होते हैं।।

हमें बने बनाए आसान राह नहीं फबते है।
हम खुद के बनाएं नियम,वसूलों पे चलते है।।

हमें नहीं पता किस्मत के भरोसे...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           व्यर्थता में मनगढ़ंत कहानियां रचता हूं।
काल्पनिक संसार गढ़ता हूं
सुख-दुःख का भान करता हूं
प्रफुल्लित व द्रवित होता हूं।
अंत में परिणामतः
सुन्दर वर्तमान खोता हूं।

सपने संजोना
मधुकर है काल्पनिकता...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           इश्क़ के दीवानों ने जबभी किया है इश्क़ पुर जुनून किया है,
इश्क़ ने मग़र न कल सुकून दिया है ना आज सुकून दिया है!
येह कमबख़्त आशिकी न कभी रास आई उस को जमाने में,
आशिक बेचारा मुहब्बत का मारा सदा ही बे-सुकून जिया है!
 ...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           बिजलियाँ टूटने से पहले तुम,
दिल को कुछ आसमान दे देते।
- फ़ौज़िया नसीम शाद...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           मैं अकेला ही काफ़ी हूं
लोग कहते है कभी - कभी
इक बात बताए वे लोग मुझे
किस अकेलेपन की बात तुम करते हो
गहरी निशा की तन्हाई का
अकेलापन सहा कभी ,
महफ़िल की भीड़ में तुम तन्हा हुए कभी
देखा मैंने अकेले में री...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           खामोश लब्जे भी कुछ कहती है।
बस,महसूस करने की शक्ति सब में नहीं होती है।।

खामोशी की आवाज दुनिया नहीं सुनती है।
सब आज कल खुद में ही सिमटे रहते है।।

दूर दूर तक अपना कोई नजर नहीं आता।
यूं तो दुनिया में ल...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           मेरे दो अनमोल रतन।
एक कागज एक कलम।।
तीसरा है मीठा वचन।
चौथा मन में ना जलन।।
पांचवा शुद्ध आचरण।
छठा सिम्पल जीवन।।
आठवां मन में लगन।
नौवा मुहब्बत ही धन।।
दसवां चैन शांति अमन।
ग्यारहवां मां...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           
प्यार अगर थामता न पथ में उँगली इस बीमार उमर की
हर पीड़ा वेश्या बन जाती, हर आँसू आवारा होता।

निरवंशी रहता उजियाला
गोद न भरती किसी किरन की,
और ज़िंदगी लगती जैसे—
डोली कोई बिना दुल्हन की
दुख से स...और पढ़ें
45 minutes ago
                                                                           दो दोस्त मिलकर जीवन को खूबसूरत बना देते हैं।
दो एक मां एक पिता जी मिलकर खुशियों से भर देते हैं।
दो पांव जिंदगी के खूबसूरत सफर पूरे कर देते हैं।
दो आंखें अप्रतिम जीवन के दृश्य बन जाते हैं।
दो हाथ लेकर हम कर्म भूमि में उतर ज...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           प्यार से ही दुनिया जीती जा सकती है।
नफरत से तो नाश अवश्य हो जाते हैं।।
-ममता तिवारी...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है
वज्ह कोई मजबूरी भी हो सकती है

प्यार की ख़ातिर कुछ भी हम कर सकते हैं
वो तेरी मज़दूरी भी हो सकती है

सुख का दिन कुछ पहले भी चढ़ सकता है
दुख की रात उबूरी भी हो सकती है...और पढ़ें
16 hours ago
साहित्य
                                                                           Shabd Samman 2025: आकाशदीप से सम्मानित लेखिका ममता कालिया से ख़ास बातचीत...और पढ़ें
                                                
22 hours ago
                                                                           
मैं तल्ख़ी-ए-हयात से घबरा के पी गया
ग़म की सियाह रात से घबरा के पी गया

इतनी दक़ीक़ शय कोई कैसे समझ सके
यज़्दाँ के वाक़िआ'त से घबरा के पी गया

छलके हुए थे जाम परेशाँ थी ज़ुल्फ़-ए-यार
कुछ ऐस...और पढ़ें
57 minutes ago
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