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                                                                           मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं
हाए मौसम की तरह दोस्त बदल जाते हैं

हम अभी तक हैं गिरफ़्तार-ए-मोहब्बत यारो
ठोकरें खा के सुना था कि सँभल जाते हैं

वो कभी अपनी जफ़ा पर न हुआ शर्मिंदा
हम समझते रह...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           आईए हमारे गया में
पीपल के शीतल छाया में
बुद्ध के गया में
गयासुर के गया में
सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'के गया में
जहां की माटी में है खुशबू हिंदुस्तान की
ज्ञान आसमान की
है धरती भगवान की
ह...और पढ़ें
15 hours ago
                                                                           किससे क्या मिला किसने क्या छीना।
ऐसे विचारों के घेरे में आज मत गंवाना।।

छोटी-छोटी खुशी को दरकिनार न कर।
जो मिला नसीब से उस पर मुस्कुराना।।

जिसकी साँसों में घुलकर उजाला देखा।
उससे तकरार करना मगर मत ठु...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           बड़ा आसान है बातें बनाना,
शतरंज के नाकाम हुए मोहरे पर।
अच्छा कर लेते हैं विश्लेषण,
हम हारे हुए लाचार जुआरी पर!

ख़ुद कुछ किया नहीं जीवन में,
वे ही बजाते हैं भीड़ में तालियाँ।
बहाया जिसने पसीना संघर्ष म...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           परंपरा और विद्रोह, जीवन में दोनों का स्थान है। परंपरा घेरा डालकर पानी को गहरा बनाती है। विद्रोह घेरों को तोड़कर पानी को चोड़ाई में ले जाता है। परंपरा रोकती है, विद्रोह आगे बढ़ना चाहता है। इस संघर्ष के बाद जो प्रगति होती है, वही समाज की असली प्रगति है...और पढ़ें
                                                
19 hours ago
                                                                           कहाँ तक जफ़ा हुस्न वालों की सहते
जवानी जो रहती तो फिर हम न रहते

लहू था तमन्ना का आँसू नहीं थे
बहाए न जाते तो हरगिज़ न बहते

वफ़ा भी न होता तो अच्छा था वअ'दा
घड़ी दो घड़ी तो कभी शाद रहते
...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           ज़मीं पाँव नीचे न सर आसमाँ
मुहब्बत की बस्ती बसाएं कहाँ

नशे मन पे कैसी ये बिजली गिरी
नहीं आग का कोई नाम-ओ-निशाँ

मेरे पास तुमको मिलेगा भी क्या
ख़ला दिल जिगर है ख़ला है मकाँ

न तोड़ो यूं ग...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           दिल के दो हिस्से

दिल के बस, दो हिस्से हैं।
पर उसके
प्यार के अनेक किस्से हैं।
किसी ने उसे
जिन्दगी भर निभा लिया।
तो किसी ने उसे
बीच, राहों में छोड़ दिया।
किसी ने उसे भुला दिया।
तो क...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           कहते हैं सभी
कि मोहलत ज़िंदगी की
मिली है सभी को
ब्रह्मा से ही
लेकिन मोहलत ज़िंदगी की
करता है तय कभी
देश का कानून भी
सोचिए, गुज़रती क्या होगी
उस शख्स पर
जिसकी ज़िंदगी की तार
टूटने की मो...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           उंगलियाँ मुझपे जो सरकार उठा देते हो
और बेहतर मेरा किरदार बना देते हो

जाम में ज़ह को चुपके से मिला देते हो
उम्र लम्बी हो मेरी ये भी दुआ देते हो

रास्तों पर मेरे कांटों को बिछाने वालो
तुम मेरे पैरों की...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           ज़िंदगी के मायने समझने की
साथ में दो कदम चलने की

अब जरूरत नहीं लगती

गलत को जायज ठहराने की
हर बात पर हामी भरते जाने की

अब जरूरत नहीं लगती

इंतजार में रातों को जागने की
उलझ...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           हर नग़मों की अपनी चमक, अपनी कोई खनक होती है,
तेरे रुख़सार की इस ख़ामोशी में, फिर कमी किस बात की होती है।

तेरे चेहरे पे वो पुरानी-सी रौनक, नज़र क्यों नहीं आती,
किस धुन की कोई टूटी कड़ी, अब तक तुझे सताती?

क्य...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           धरती पर आगमन होते ही
एक हलचल और हुंकार हुआ।
तूफान सा तीव्र जब धार हुआ,
सागर जैसा आकार हुआ,
हर हर गंगे का जयकार हुआ।

गंगा का जब विस्तार हुआ,
धरती का ये उपहार हुआ।
गंगोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           ग़ज़ल

बे सबब यूँ ही नहीं शिकवा करो
कुछसमझकर सोच करबोलाकरो

गर फ़तहयाबी यक़ीनी चाहते
दूर तक पहले ज़रा सोचा करो

साथ मिलने से बड़ी राहत रहे
काम कोई भी नहीं तन्हा करो

ठोस पान...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           बचपन की यादें हैं
वो पुरानी ख्वाब हैं
वो बीत गया हाँ बीत गया
सुख का सूरज बीत गया
बीत गयी यु खुशियों भरी रात
बीत गया सपनों का अरमान
बीत गयी वो पुरानी मौज
यु बीत गयी यु पुरानी बचपन की भेद भाँत
यु...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           हिमगिरि ने शंख बजाया,
तब स्वर्ग-नदी को आना था।
भगीरथ के अटल तप से,
फिर धरती का दुख मिटाना था।
सगर-सुतों की राख पुकारे,
अब उन्हें मुक्ति दिलवानी थी।
पीढ़ी-पीढ़ी आस अधूरी,
तब गंगा धरा पर लानी थी।
...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           ये खुरदरापन, ये सिमटते रिश्ते, व्यस्तता की सनक और रुपयों खनक।
सिर्फसपने देखना नहीं उन्हेंआकार देना चाहते हैं,
अब खरीदार नहीं स्वयं बाज़ार होना चाहते हैं!
उजालों को निगल कर रात होना चाहते हैं,
शांति बन में शोर का उन्माद होन...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           यक़ीन मानो
जब तुम्हें कोई इज़हार करें
दिल दे बैठे,और प्यार करें
उम्मीद दिलाए साथ रहेंगे
तो क्या होगा?

यक़ीन मानो
रहे हमेशा हर पल यूँ ही
बात बात पर यूँ ही हँसाए
शाम ढले कभी बाहों तले...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           वक़्त कभी किसी के सिकन्जे में नहीं रहता।
वो अपना सिकन्जा खुद बनाता है।

वक़्त कभी तो नासूर बन जाता।
कभी मलहम का काम भी करता।

इसलिए वक ही हमेशा गलत नहीं होता।
कई बार किस्मत और हालात भी...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           नज़रों की अनकही बात

वो देखता है मुझे, मगर बेहया नहीं,
मैं देखने लगूँ उसे, तो वो देखता नहीं।

उसकी नज़रें मुझ पर ठहरती तो हैं,
मगर मिलते ही जैसे डर जाती हैं कहीं।

कोई राज़ है उसकी खामोशी में...और पढ़ें
18 hours ago
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4.3
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