शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला भाषा के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थे। हुगली जिले के देवानंदपुर गांव में 15 सितंबर 1876 में उनका जन्म हुआ। शरतचंद्र के नौ भाई-बहन थे। रवींद्रनाथ ठाकुर और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी का शरत पर गहरा प्रभाव पड़ा। करीब 18 स...और पढ़ें
                                                
21 hours ago
                                                                           बरबादियों का कुछ यूं मिरी आगाज़ हुआ
खुद के अपनो से ही मैं नज़र-अंदाज़ हुआ
हुए फैसले मिरी जिंदगी के गैरों के हाथ से
मेरा क़ातिल ही बशर मेरा चारासाज हुआ

- बशर...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           आंसू की हर बूंद में,
एक मुस्कान छिपा रखी है,
गुमनाम सी जिंदगी में ,
एक पहचान छिपा रखी है।
हम तो लेखक हैं,
लिखना जानते हैं
बस लेखनी में ही
दुनिया अपनी तमाम छिपा रखी है।

- सुदीप्ता भारत...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           केवल करो कर्म
करो कर्म करने में मत शर्म
पर कर्म से चिपको मत
फल की चिंता करो मत
है यही गीता का मत
होओ इससे सहमत
बचाओ वतन व अपना धर्म
केवल करो कर्म।
- सहज...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           रूप नहीं होती है सब कुछ
इसके बिना भी है बहुत कुछ
रूप तो है चेहरे का अंग
सबको भाता है सुंदर रंग
यह तो घमंड है देता हमको
फिर भी रूप क्या चाहिए तुमको?
रूप नहीं होती है सब कुछ
इसके बिना भी है बहुत कुछ।।...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           एक बचपन का जमाना था
जो खुशियो़ का खजाना था
चाहत चॉंद को पाने की थी
पर दिल तितली का दिवाना था
मॉं की कहानी थी परियो़ का फसाना था
इस छोटे से दिल को भी सब पर अपना
हक पाना था सबसे सुंदर
वो बचपन का जमाना था...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           मन में एक व्यथा है, कैसी ये प्रथा है..
किसको मैं सुनाऊं, किससे मैं छिपाऊं..
ये कैसा है प्रचलन,
खिन्न हो उठता है मन..
देखने आते है कुछ लोग, हमारा चाल-चलन,
जब तय करना होता है, एक लड़की का लगन..
मन में एक व्यथा...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           तस्वीर दिल में यार की हो तो दिखाया नहीं करते
इश्क़ अगर सच्चा हो तो छुपाया नहीं करते ...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           लम्हे कटते नहीं दीदार के बिना
और वो कहते हैं हमें इंतजार नहीं। ...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           ये कैसा इकरार है?
आधा अधूरा प्यार है।
मिलकर भी पीते हैं,
अक्सर जुदाई का जहर।
जमाने की आवो हवा का,
पड़ने लगा अब असर।
बात बढ़ती देखकर,
छोड़ देते हैं अपना शहर।
फिर दर्द ना देखे कोई,
बेफिक्र...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           शाख़ से पतझर में पत्ते संबंध तोड़ लेते हैं,
जमीं बिछाकर सो जाते आकाश ओढ़ लेते हैं,

पेड़ो को भी इंतज़ार रहता बसंत आने तक,
रिश्तों के नव कोंपल आकर प्रेम जोड़ लेते हैं,

पल-पल साथ निभाता आता-जाता देह सदन में...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           चलते -चलते मैं बहुत दूर निकल आया हूॅं।
फूलों की ख्वाहिश में कांटे बटोर लाया हूं।।

ग़म -ए -जीस्त से घबरा गया हूं इस तरह।
आंखों में आंसुओं को रोक नहीं पाया हूॅं।।

अंधेरा ही अंधेरा फैला है ज़िंदगी में मिरी।...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           संग्राम जिन्दगी है लड़ना उसे पड़ेगा।
जो लड़ नहीं सकेगा, आगे नहीं बढ़ेगा।।

इतिहास कुछ नहीं है, संघर्ष की कहानी,
राणा, शिवा, भगतसिंह और झाँसी वाली रानी।
कोई भी कायरों का इतिहास क्यों पढ़ेगा,
जो लड़ नहीं सकेगा, आगे न...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           खुद में बदलाव की एक तमन्ना करिए ।
भीड़ से हट के चलने की कोशिश करिए ।।

खुद में मुकम्मल यहाँ नहीं होता कोई ।
भूल कर अपनी किसी से न तुलना करिए।।

बाक़ी रह जाना है , अगर दिलों में सबके ।
अपने अख़लाक़ को ब...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           
हार दुनिया से मान ले शायद
दिल हमारे में अब नहीं दम जी


है अगर वो बहुत ही दिल नज़दीक
उस से दूरी का सिलसिला माँगो ...और पढ़ें
21 hours ago
                                                                           नकारात्मक लोगों से दूर रहें, उनके पास हर समाधान के लिए एक समस्या है। 
- अल्बर्ट आइंस्टीन...और पढ़ें
15 hours ago
                                                                           कोई देश नहीं हो सकता सफल,
जिस में किसान नहीं बसता।
किसान होता अन्नदाता जो,
सम्पूर्ण देश का पेट सदा भरता।

दिन रात परिश्रम करता है,
मिट्टी से फसल उगाता है।
आलस नहीं करता कभी,
देश के लिए पसीना बहा...और पढ़ें
20 minutes ago
                                                                           चलो डूब कर
चलो डूब कर दरिया ए इश्क के पार उतरते हैं,
जंग की बंदूकों की जगह आपसी भाईचारे की फसल तैयार करते हैं।
फिरकापरस्ती, बदअमनी, तंगदिली तंगहाली को शर्मसार करते हैं,
चलो इंसानियत का एहतराम करते हैं।
काबा- काशी के...और पढ़ें
21 minutes ago
                                                                           जब किस्मत रूठ जाएंगी मेरी,
जब हिम्मत टूट जाएंगी मेरी।
तब अपने पास बुलाओगी न?
तुम मेरे खातिर आओगी न??

जब रास्ते से भटक जाऊंगा,
मंजिल से दूर जाऊंगा ,
तब अपने पास बुलाओगी न?
तुम मेरे खातिर आओगी न?...और पढ़ें
17 minutes ago
                                                                           सहनशीलता लाओ
सुशीलता लाओ
क्रोध को भगाओ
खुद को विनम्र बनाओ
पुलकित पुष्प बन जाओ
सुगंधित पुष्प बन जाओ
सुगंध बिखराओ
व्यक्तित्व को चमकाओ
अपने अंदर आकर्षण लाओ
जादू सब पर कर जाओ
सुंदर संस...और पढ़ें
17 minutes ago
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