पापा का घर—
यह नाम सुनते ही
मन में एक हलचल-सी होने लगती है।
आज भी जब कोई
उस गाँव का नाम लेता है,
मेरी आँखों के सामने
वही पुरानी हवेली खड़ी हो जाती है।
वह हवेली,
जो अब खंडहर होने...और पढ़ें
तेरे घर के द्वार बहुत हैं,
किसमें हो कर आऊं मैं?
सब द्वारों पर भीड़ मची है,
कैसे भीतर जाऊं मैं?
द्बारपाल भय दिखलाते हैं,
कुछ ही जन जाने पाते हैं,
शेष सभी धक्के खाते हैं,
क्यों कर घुसने पाऊं मैं...और पढ़ें
क्यों न गढ़ लें बहाने नए
क्यों न नई शुरूआत हो
जहाँ से टूटे थे सिलसिले
वहीं से शुरू बात हो
बीते दिनों की याद में
एक नई मुलाकात हो
मैं फिर उसी दर्द से गुज़रूँ
तुम फिर मेरी दवा हो ।
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संत की पहचान शारीरिक अवस्था पर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अवस्था पर आधारित होती है।
- परमहंस योगानंद
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:---------------- वर्षा ------------------:
जब वर्षा की पहली बूँद ने
धरती के मस्तक को चूमा
तब केवल मिट्टी ही नहीं महकी
मानो युग से मौन पड़ा इतिहास भी बोल उठा
आकाश ने अपने मन का भार
बूँद-बूँद ध...और पढ़ें
वह डरती है ,पर
डराती नहीं |
वह रोती है, पर
रुलाती नहीं |
वह संवारती है, पर
बिगाड़ती नहीं |
वह दयालु है, पर
कमजोर नहीं |
वह सबका दर्द सुनती है, पर
अपना दर्द सुनाती नहीं |
वह सबका पे...और पढ़ें
"गुरु जी, आपने ज्ञान से नवाजा है;
आपका उपकार बहुत बड़ा है
ज्ञान का दीप जला,अज्ञान को मिटाते हैं
गुरुजी आप जीवन को जीवन बनाते हैं
भटके जो राह से हम
आप सुमार्ग पर लाते हैं
इसलिए आप ईश्वर का दर्जा पाते हैं
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पहली मोहब्बत का असर आज भी ज़िंदा है,
सूखा हुआ गुलाब मेरी किताब में ज़िंदा है।।
वो नाम जिसने पहली बार धड़कनें लिखीं,
आज भी मेरे हर एक हिसाब में ज़िंदा है।।
न उसने लौटकर आने का कोई वादा किया,
फिर भी इं...और पढ़ें
नारी तेरी महिमा निराली
देवियों की देवि महान है तू ।
त्याग और पावन प्रेम की रचना
ममता मयी कितनी दयावान है तू ॥
तेरा जीवन हो कितने संघर्षो भरा
परन्तु नारी सदा खुश नजर आती है तू।
हर पीडा हृदय में निज संज...और पढ़ें
ख़ुद को भगवान समझ बैठे हैं
जनता को नादान समझ बैठे हैं
जनता ने कितनों को बदला है
इस बात से अनजान समझ बैठे हैं
-दुर्गाशंकर गुर्जर...और पढ़ें
अब आओ रे सारे प्यारे, मिलकर इसकी शोभा बढ़ाएं,
देख-देख सारे मैच को, मिलकर इसमें धूम मचाएं।।
यह भारत पाक का मैच नही, सदियों की रही जंग है,
जब भारत की शान्ति में पड़ती, देश की क्रान्ति है।।
यह सदियों की रही प्री...और पढ़ें
मैं तेरे लिए तेरे शहर में आया था ,अब दिल खाली है तेरे शहर से जाते हुए,
अगर इश्क बाकी होता मेरे पास तो तुम पर लुटाता जाता,
मुझे सलीका भी नहीं आता दर्द से तड़ने का,लोग मुझ पर हंसते हैं मुझ पर आते जाते...और पढ़ें
इश्क़ ने दिल को अजब इक रौशनी बख़्शी मुझे,
रात थी गहरी मगर फिर भी चाँदनी बख़्शी मुझे।।
उसकी आँखों में समंदर भी था,साहिल भी था,
एक ही नज़र ने पूरी ज़िंदगी है बख़्शी मुझे।।
ज़िक्र उसका जब भी आया, लब दुआ बनते ग...और पढ़ें
चलो बापस स्कूल चले हम
फिर से यूनिफार्म पहने
टाई- बेल्ट कस ले हम,
थोड़ी सी किताब पढ़े, आधी पैंसिल छील,
ड्राम्बॉक्स में रख लें हम,
चलो फिर स्कूल चलें हम…
टीचर जी की बात सुनकर कुछ फिर से सीख लें...और पढ़ें
हसरतों का सिलसिला दिल से कभी जाता नहीं,
वक़्त चाहे जो भी कर ले, इश्क़ मिट पाता नहीं।।
धूप ने लाखों दफ़ा झुलसा दिए अरमान सब,
फिर भी उम्मीदों का पौधा सूखकर जाता नहीं।।
हमने हर ठोकर को अपनी ज़िंदगी का सबक़ कहा...और पढ़ें
कभी याद मेरी आए तो आईने के सामने मुस्कुरा देना,
यक़ीन मानो, अक्स मेरा ही दिखेगा हर मोहब्बत के फ़साने में।
तुझे पाने की ख़्वाहिश से ज़्यादा, तुझे चाहा है मैंने,
इसीलिए तेरा नाम रखा है अपनी हर दुआ के तराने में।
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लगता है इस धुंध भरे मौसम में, दूर वहाँ अलाव जल रहा है,
यहाँ से केवल धुआँ दिख रहा है।
सर्दी धीरे-धीरे बढ़ रही है,
मुँह से अब भाप भी निकलने लगी है...
मैंने स्वेटर की बाँहें थोड़ी और नीचे की,
हथेलियों को आपस में रगड़ाऔर पढ़ें
याद तो करेंगे तुम्हें मगर रोएंगे नहीं,
दिल रोया भी तो आँसू बहाएंगे नहीं।
तुम चाहे मुझे बेवफ़ा कह लो फिर भी,
दामन तुम्हारा छोड़कर हम जाएंगे नहीं।
तुम याद करो ना करो मर्ज़ी है तुम्हारी,
फ़ितरत है हमारी...और पढ़ें
सतरंगी इंद्रधनुष की सुंदरता देखकर वो बोल पड़ी…
"क्या इसे मनुष्य नहीं बना सकता है?"
प्रकृति के कुछ नायाब कारनामे देखकर
हम तो एकदम मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
मैं मुस्कुराया और बोला…
"मनुष्य रंग तो बना सकता है...और पढ़ें
रंज-ओ-ग़म सारे भुलाना चाहिए,
खोलकर दिल मुस्कुराना चाहिए।
है किसी से तुमको मोहब्बत अगर,
अपने दिलबर को जताना चाहिए।
हैं बहुत दिलकश वस्ल के लम्हे,
शीशा-ए-दिल में बसाना चाहिए।
कितनी मोहब्ब...और पढ़ें