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खामोश इश्क़

                
                                                         
                            ज़िंदगी में कोई अपना बन जाए तो संभाल लेना,
                                                                 
                            
हर रिश्ता मुक़द्दर से नहीं मिला करता…
खामोश इश्क़ की भी अपनी एक ज़ुबान होती है,
हर मोहब्बत लफ़्ज़ों में बयां नहीं होती…
जो दिल से मिले उसे दिल में बसा लेना,
वक़्त हर बार ये मौका नहीं देता…
मिल जाए सच्ची चाहत अगर कभी,
तो उसे खोने की भूल मत करना…
क्योंकि किस्मत हर किसी पर यूँ मेहरबान नहीं होती…
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एक घंटा पहले

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