आलस छोड़ो
कर्मठता से खुद को जोड़ो
करो कुछ ऐसा
किया नहीं कोई जैसा
खूब कमाओ पैसा
पर बनो रतन जैसा
कुछ दान करो
कर्म कुछ महान करो।
- सहज कुमार
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