मेरे अंदर है एक योद्धा
मेरे अंदर है वीर योद्धा
उसको मैं जगाऊंगा
जीत कर ही मैं आऊंगा
वीर,धीर,गंभीर मैं कहलाऊंगा
भय को दूर भगाऊंगा
शत्रुओं को मार गिराऊंगा
तिरंगा बीजिंग पर मैं फहराऊंगा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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