सुबह सुंदरी
मेघमय आसमान से उतरी
घूम रही है द्वार द्वार
लेकर उपहार
लेकर धन धान्य अपार
लेकर स्वास्थ्य का भंडार
चिड़िया चहकती डाल डाल
पुष्पों की मुस्कान करे कमाल
मंद मंद पवन बहे डाल डाल
जगो जवानों!
जगो किसानों!
आलस का करो त्याग
भर कर अंदर आग
करो कर्म कुछ महान
बनाओ सुंदर जहान
छू लो आज आसमान।
- सहज कुमार
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