पुस्तक तो बहुत है
पर पाठकों की
खोज चल रही है।
ओन लाइन में खड़े हैं
पर ओफ लाइन कट है।
पुस्तक तो बहुत पढ़ी है
पर ज्ञान और समझ की
खोज चल रही है।
पुस्तक भी पढ़ी
डिग्री भी हासिल कर ली।
पर अभी सद्बुद्धि की
खोज अभी बाकी है।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X