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आखिर कब तक

                
                                                         
                            खाली हाथों घूमेंगे बेकार ये सड़कों पर कब तक
                                                                 
                            
कल बूढ़े हो जायेगे इंतजार करें आखिर कब तक .

हर युवा को काम और काम का दाम भी देना होगा
बस कोरी बातों से पेट भरेगा कैसे आखिर कब तक.

परिणाम सामने नव पीढ़ी तुमसे रह रह मांग रही
केवल विरोध सिर्फ विरोध होगा आखिर कब तक .

सत्ता सरकारें कभी नहीं टिक पातीं इन संघर्षों में
लोगों को भ्रम बहकावे में रखोगे आखिर कब तक.

अधिकार समान सभी को देने होंगे सत्ता के तुमको
हक जनता का मार के तुम बैठोगे आखिर कब तक .
-दिनेश चौहान
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35 मिनट पहले

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