मैं सूरज सा जलना चाहता हूं
मैं आग से भी अधिक
ख़ुद को तपाना चाहती हूं.....
उस आसमान में उससे भी अधिक तपकर
मैं सूरज की तरह बनाना चाहती हूं......
शुरू - शुरू में, मैं भी रहूंगी शांत
पर सूरज तो.... सूरज होता है....
ये एहसास दिलाना चाहती हूं
आसमान की उस ऊंचाई पर,
मैं भी चमकना चाहती हूं ...
कठिन तो होगा मेरे लिए भी जलना
पर सूरज तो..... सूरज होता हैं.....
ये दिखलाना चाहती हूं
सूरज के तरह तपकर ,
मैं भी निखरना चाहती हूं
मैं भी सूरज के तरह जलना चाहती हूं ।
-चेतना झा
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