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अपना सारा दिन...

                
                                                         
                            उसकी एक हँसी से.....
                                                                 
                            
अपना सारा दिन भर लेता हूँ!
सबके सामने मैं अनजान बन जाता हूँ!
और अकेले में उसी के नाम का दीया जलाता हूँ!
ये इश्क है मेरा, शोर नहीं करता!
बस दिल में रहता है, कहीं और नहीं जाता।
-अर्णव
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एक घंटा पहले

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