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जीवन की तलाश

                
                                                         
                            जीवन है एक लंबा सफर,
                                                                 
                            
सुख की तलाश में मन थकता हर पल।
आगे बढ़ा, फिर गिरा वही,
जो दिखा सुख, वह छुपा कहीं।

सुख है सिर्फ मन के हल्के ख्याल में,
दुख है जब भावों में उतर।
शांति न ढूँढो बाहर कहीं,
पर्वत की चोटी भी खाली रह जाएगी।

मिट्टी नहीं मिलेगी बस चाहत में,
जल की बौछार में भी प्यास नहीं बुझती।
क्यों न दाना चुग बैठे भाई,
मछली के इंतजार में समय खोता वही।

सीख जीवन की यही है,
सुख और शांति भीतर की साधना में छिपी।
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एक घंटा पहले

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